Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

बाल कविता

बाल कविता — बचपन की मुस्कान

तीनों बैठे साथ में, चेहरे पर मुस्कान।खेल-खेल में बाँटते, खुशियों की सौगात॥ नन्हे-नन्हे हाथ हैं, नन्हे-नन्हे पाँव।इनसे ही खिलता रहे,

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मेरे कान्हा — जन्माष्टमी विशेष

जन्माष्टमी भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना में गहराई से रचा-बसा ऐसा पर्व है, जो केवल एक तिथि नहीं, बल्कि

Read More
राजनीति

22 हजार करोड़ का दावा, 6.5 करोड़ का निपटारा: आखिर किस कीमत पर?

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा सुभाष चंद्र बैंक के लगभग 22,006 करोड़ रुपये के दावों के निपटारे को मात्र

Read More
बाल कविता

नन्हा सपना

नन्हे हाथों में किताब,आँखों में मुस्कान।पढ़-लिखकर तू एक दिन,बढ़ाना अपना मान।। खेलो-कूदो, पढ़ो खूब,करना अच्छे काम।मेहनत करके एक दिन,रोशन करना

Read More