नौकरी की दौड़ में खोती पढ़ाई
आज का युवा एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन अवसरों
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Read Moreअरे देखो नन्हा बच्चा आया,छोटी-सी बाइक वो लाया। हाथों से हैंडल पकड़ता जाए,धीरे-धीरे आगे बढ़ता जाए। टुन-टुन करती उसकी सवारी,लगती
Read Moreपैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से वीर,माटी अब भी पूछती, कब जागेगी पीर? स्वप्न सिसकते रह गए, कहाँ गई
Read Moreगाड़ी में बैठा नन्हा मन,देखे जग का हर स्पंदन। खिड़की से झाँके चुपके-चुप,नयनों में जग सिमटा रूप। हाथ में कोमल
Read Moreभारत में जेंडर पहचान, विज्ञान और समाज के बदलते रिश्तों पर हाल की चर्चाओं ने एक नई बहस को जन्म
Read Moreसड़कें मूलतः लोगों और वाहनों के सुरक्षित तथा सुगम आवागमन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में
Read Moreछोटा सा ट्रैक्टर हमारा है,मुझको बहुत ये प्यारा है। लाल-हरा रंग इसका है,देखो कितना न्यारा है। आगे-पीछे चलता जाए,घर में
Read Moreसमकालीन समाज में रिश्तों की जटिलता पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ गई है। तकनीकी प्रगति, सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत
Read Moreमासिक धर्म स्त्री जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु लंबे समय तक इसे सामाजिक संकोच, मौन और उपेक्षा
Read Moreमेरी छोटी साइकिल आई,टुन-टुन करती घंटी लाई।साथ खड़ा मेरा एक यार,कहता चलो लगाएँ रफ़्तार। टुन-टुन करती घंटी बोले,चलो घूमें आज
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