कहती हमसे राखियाँ
चिट्ठी लाई गाँव से, जब राखी उपहार।आँसू छलके आँख से, देख बहन का प्यार।। रेशम की डोरी सजी, लेकर नेह
Read Moreचिट्ठी लाई गाँव से, जब राखी उपहार।आँसू छलके आँख से, देख बहन का प्यार।। रेशम की डोरी सजी, लेकर नेह
Read Moreरातों में जो शब्द जगे, भोर हुआ ये काम।मेरी रचना ले गए, अपना कहकर नाम॥ भावों की मैं खोज में,
Read Moreभारत में त्योहारों का मौसम न केवल साल का एक खास समय होता है, बल्कि जीवन का भी एक अहम
Read Moreनन्हे हाथों में सजी, आइसक्रीम की शान।खाते-खाते मुस्कुरा, खिल उठा नन्हा जान।। गाड़ी दौड़े राह पर, मन में छाई मौज।मीठी-मीठी
Read Moreदूजे को बदनाम कर, ढूँढे अपना मान।कीचड़ उछले तो बचे, तेरा कहाँ गुमान।। आज बुझे इस दीप पर, तुम हँसते
Read Moreनन्हे हाथों में सजे,सपनों के संसार।कंप्यूटर से सीखता,बच्चा नया विचार॥ देखे चित्रों में छिपे,ज्ञान भरे उपहार।खेल-खेल में सीखता,जीवन का व्यवहार॥
Read Moreचिट्ठी लाई गाँव से, जब राखी उपहार।आँसू छलके आँख से, देख बहन का प्यार।। रेशम की डोरी सजी, लेकर नेह
Read Moreविद्यालय महज कक्षाओं, इमारतों और चारदीवारी का समूह नहीं है। यह एक संवेदनशील संस्था है जहाँ समाज के भविष्य का
Read Moreस्वदेशी रूप से विकसित दिव्यास्त्र एमके3 की पहली उड़ान एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि भारतीय सेना युद्ध में यूएएस तकनीक
Read Moreनन्हे हाथों में खिलौना,चेहरे पर मुस्कान।खेल-खेल में बनता बच्चा,प्यारा-सा कप्तान॥ कभी सिपाही बन जाता है,कभी बनता शेर।नन्ही आँखों में उसके,सपनों
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