Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

राजनीति

शोक के दिनों का मिले अधिकार, दुख के दिनों में भी ड्यूटी क्यों?

“शोक में भी छुट्टी नहीं?”—यह प्रश्न हाल ही में उस समय राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया जब दिनेश शर्मा

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सामाजिक

फूहड़ कंटेंट, सोशल मीडिया और संस्कृति: जिम्मेदारी किसकी?

डिजिटल युग ने हमारे समाज की संरचना, सोच और अभिव्यक्ति के तरीकों को गहराई से बदल दिया है। आज मोबाइल

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सामाजिक

फूहड़ कंटेंट, सोशल मीडिया और संस्कृति : जिम्मेदारी किसकी?

डिजिटल युग ने हमारे समाज की संरचना, सोच और अभिव्यक्ति के तरीकों को गहराई से बदल दिया है। आज मोबाइल

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सामाजिक

सादगी भरी शादियाँ: अमीर लोगों को समाज के लिए उदाहरण क्यों बनना चाहिए

भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक आयोजन भी माना जाता है। यहाँ शादी

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