नारी घर की शान
नारी गौरव-संस्कृति की अमर धरोहर,शक्ति-स्नेह, समर्पण-स्वाभिमान से भरपूर,संस्कृति की शान, उससे ही जग में सम्मान,ममता की गंगा नारी, अभिमान से
Read Moreनारी गौरव-संस्कृति की अमर धरोहर,शक्ति-स्नेह, समर्पण-स्वाभिमान से भरपूर,संस्कृति की शान, उससे ही जग में सम्मान,ममता की गंगा नारी, अभिमान से
Read Moreसबको हो समान अधिकार,भेदभाव का न हो अँधियार,ऊँच-नीच का रहे न पर्दा,सद्भाव का हो उजियार। रोटी, शिक्षा, सम्मान मिले,हर आँगन
Read Moreनई नौकरी से संभावना बहुत खुश थी. पहले वाली नौकरी में उसके समक्ष दो विकल्प थे- “बॉस के दंभ के
Read Moreआज उमेश एक डॉक्टर बनकर प्रसिद्धि पा रहा है, लेकिन यहाँ तक पहुंचा कैसे अक्सर वह याद करता!उमेश इंजीनियरिंग करना
Read More“मम्मा देखो-देखो, मैं क्या लाया हूँ.” स्कूल से आए सोनू ने बड़ी उमंग से अपने हाथ में मिट्टी के छोटे-से
Read More“दादा जी, बरसात रुक नहीं रही, बाढ़ आ रही है, हम यहाँ मचान पर बिना खाये-पिये फंसे हुए हैं, अब
Read Moreबचपन का वह दौर सजीला,कभी रूठना कभी #मचलना,खेल-खेल में गिर भी जाते,गिर-गिरकर फिर स्वयं सँभलना । हँसते-हँसते रोने लगना,लोरी सुनकर
Read Moreभोलापन चंदू का देखो,चटनी चाटी चाचा ने,जाने क्या दद्दू से बोला,मार खाई मामा ने!मामा तो चंदमामा थे,झट तारों की सभा
Read Moreमुझको कहते बाल सलोना, मैं अपनी मम्मी का खिलौना,मुझको भातीं चीजें कितनी, सबसे प्यारा मेरा खिलौना।सबसे पहले मुझको भाया, झन-झन
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