कविता- सेल्फ़ी का जूनून
मैं सेल्फ़ी हूँ, या सेल्फ़ी हूँ मैंसमझ न आए मुझको कुछ बात,खाना-पीना होता रहेगा,सेल्फ़ी से कटते दिन-रात।सेल्फ़ी को जुनून है
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Read Moreछोटे-से शिवम के लिए उसके पापा बहुत-से खिलौने ले आए. उनमें एक खिलौना था- बापू के तीन बंदर.एक बंदर की
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- यादों की महफिल वो सिमटी महकती-सी कुछ यादें,महका देतीं हैं तन-मन-जीवन,अक्सर पहुंचा देती हैं उन वीथियों में,जहाँ बीता
Read Moreखुद समाएं किसी समंदर में हम बूंद बनकर,बूंद ही समंदर का अंश हो समंदर बन जाएगी,विशाल समंदर का अनमोल हिस्सा
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बेटियों का डर सर्व समर्थ हो बेटियों, डर-डर कर क्यों रहती हो,पुरुषों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर चलती हो,परीक्षाओं
Read Moreविधा- कविताविषय- विश्व-पटल पर भारत विश्व-पटल पर भारत की शान है,हर क्षेत्र में मिल रहा उसे सम्मान है,पहले भी जगद्गुरु
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- कोई डूबता है तो डूबे! कोई डूबता है तो डूबे,हमारी रील बननी चाहिए,मिलें ढेर सारी प्रतिक्रियाएं,लाइक्स से रील
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