गाँधी का संदेश
हिंसा कैसे रूप हो, देती केवल घाव।प्रेम-अहिंसा से मिले, टूटे मन को चाव॥ सत्य-अहिंसा के बिना, कैसा मानव धर्म।इनसे ही
Read Moreहिंसा कैसे रूप हो, देती केवल घाव।प्रेम-अहिंसा से मिले, टूटे मन को चाव॥ सत्य-अहिंसा के बिना, कैसा मानव धर्म।इनसे ही
Read Moreजन्मदिवस पर लाल के, सुनें एक फ़रियाद।सौरभ सदा बहादुर की, सीखों को रख याद ।। करो-मरो की गूँज से, गूँजा
Read Moreसाहित्य जगत – प्रसिद्ध रचनाकार डॉ. सत्यवान सौरभ के चर्चित दोहों का एक विशेष वीडियो संग्रह यूट्यूब पर रिलीज हुआ
Read Moreसुख की खातिर उम्र भर, सहता मन संताप।मंज़िल फिर भी दूर है, बढ़ता जाता ताप॥ कल के सुख की आस
Read Moreपापा की उँगली थामकर, चलता नन्हा लाल।उसकी प्यारी मुस्कान से, खिलता घर-परिवार॥ पापा का जब साथ हो, डर कैसा संसार।छोटी-सी
Read Moreआज सोशल मीडिया हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सऐप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म
Read Moreकलम हुई मजबूर जब, बिकने लगा विचार।आका की चौखट बनी, लेखक का दरबार॥ कलम उठी जो प्रश्न पर, कर देते
Read Moreमाटी अब भी पूछती, कहाँ गए वे लाल।जो रक्त बहा लिख गये, आज़ादी का भाल।। फाँसी चढ़कर दे गए, हँसकर
Read Moreसुबह-सुबह नन्ही चिड़िया,आँगन में जब आती है।फुदक-फुदक कर चूं-चू करती,मीठे गीत रोज सुनाती है।। चिड़िया फुर्र-फुर्र उड़ती है,चोंच से दाने
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