गीत/नवगीत

गीत

एक कलम के बूते पर मैं दुनिया रोज बदलता हूँ ।

ये मत सोंचो कवि हूँ मैं तो बस कविता कर सकता हूँ ।।

 

ठेले पर सपनो की दुनिया, लेकर चलने वाला हूँ ।

मैं सूरज के साथ गगन के, पार निकलने वाला हूँ ।

सागर को तो एक घूँट में, पीने का दम रखता हूँ….

ये मत सोंचो कवि हूँ मैं तो, बस कविता कर सकता हूँ ..।।

 

मेरी कलम सितारों को भी, आँख दिखाती चलती है ,

दिल के पन्नों के भीतर भी, एक नदी सी पलती है ।

चिंगारी लेकर आँखों में, खुद भी बहुत झुलसता हूँ…

ये मत सोंचो………….।।

 

रोज इरादों की रेतीली, मिट्टी को चुनता रहता ,

बीज नई आशाओं वाले, मन ही मन बुनता रहता ।

मैं अतीत का व्यापारी हूँ, कल की खेती करता हूँ……

ये मत सोंचो……..।।

राहुल द्विवेदी ‘स्मित’, लखनऊ

8299494619

राहुल द्विवेदी 'स्मित'

राहुल द्विवेदी 'स्मित' (अध्यापक-डी.पी.एस. एकैडमी) पिता: महेश प्रसाद द्विवेदी पता: ग्राम-करौंदी पोस्ट-इटौंजा जनपद-लखनऊ उत्तर प्रदेश (226203) जन्मतिथि: मई 20, 1987 मोबाइल: 8299494619 शैक्षिक योग्यता : बी.काम., बी.एड. साहित्यिक परिचय: प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन ('कविता लोक-प्रथम उद्भाष' , 'तेरी यादें' व कई अन्य साझा संकलन प्रकाशनाधीन ) कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित सम्मान: 'कविता लोक रत्न सम्मान', 'स्व. इन्द्रदेव सिंह सम्मान', 'गीतिकालोक रत्न', 'काव्य श्री', 'श्रेष्ठ ग़ज़लकार सम्मान' व कई अन्य विभिन्न फेसबुक समूहों द्वारा ऑन लाइन सम्मान व पुरुस्कार