कविता

नया उल्लास आया

नया उल्लास आया
मन – मस्तिष्क में उमंग लाया ।
खिल गये नये अंकुर
नया-नया मधुमास आया ।
भावना में संगीत बज उठा
नयनों में स्नेह का नीर आया ।
चल उठी वसंती बयार
कोयलों का कूकना मधुर आया ।
तितलियां मंडराने लगीं
मौसम फूलों का महकता आया ।
थिरक -थिरक नाचते हैं मोर
भ्रमरों को सुरमयी गुनगुनाना आया ।
नया उल्लास आया….

— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111