व्यंग्य – फेसबुक पर गोपियाँ,पहना रही हैं टोपियाँ
भारत ही नहीं अपितु वैश्विक स्तर पर गोपियों का महत्व और वर्चस्व सदा से कायम रहा है और आगे भी
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Read Moreसुनो अपना दिल मुझको उधार दे दो , तुम पर ग़ज़ल कहूँ मैं थोड़ा प्यार दे दो! संग-संग हंसे और
Read Moreअपना कह कर के वो मुझे आजमाते रहे, ज़ख्म वो देते गए और हम मुस्कुराते रहे! ख्वाब शीशे की तरह
Read Moreकुछ टूटे, कुछ छूटे, ख्वाबों सी, जिंदगी अपनी हाई-वे के ढाबों सी! अब तो वही बुलंदी पर पहुंचते हैं, ज़हन
Read Moreचले थे साथ मगर कहाँ लाकर छोड़ दिए, मैं परिंदा खामोश बैठा था,तुम झिंझोड़ दिए। साथ तुम्हारे सब लगने लगा
Read Moreमनुष्य तन सौभाग्य से मिलता है और मनुष्य तन में धक्का परम सौभाग्य से मिलता है।जीवन जीने के लिए प्राणवायु
Read Moreदिन हो चाहे रात, तुम साथ रहना बिगड़े कोई बात, तुम साथ रहना! जिंदगी की डोर है अब तेरे ही
Read Moreबाहर से खुश हैं अंदर गमों का बाजार लेके चलते हैं लोग चेहरे पे चेहरे और दोहरे किरदार लेके चलते
Read Moreमैं जब भी गाँव जाता तो देखता कि रामदास की घरवाली गृहस्थी के काम में हर पल उलझी ही रहती!
Read Moreजी हाँ ! बिलकुल सही पढ़ा है आपने! खुद के द्वारा किए गए एक शोध से यह कहने में मुझे कोई
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