चरित्र निर्माण हो शिक्षा का उद्देश्य
उग्रोऽर्चिता दिवमारोह सूर्य (अथर्व 19.65.1) अर्थात् हे सूर्य समान तेजस्वी मनुष्य तू अपने तेज के साथ उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर
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Read Moreभारत में आज सबसे ज्यादा चर्चा रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने को लेकर हो रही है। आये दिन उनको लेकर
Read Moreआधुनिक सन्दर्भ में प्रस्तुत विषय की नितान्त आवश्यकता है। शिक्षा में नैतिकता के बिना मानवीय मूल्यों का ास दिन-प्रतिदिन दिखायी
Read Moreमहाराष्ट्र के भीमा-कोरे गांव में जातिवाद के नाम पर जो संघर्ष हुआ वह किसी भी मायने में सही नहीं है।
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