अजब सी एक प्यास है….
हर दिल में अजब सी एक प्यास है
हर दिल में कोई न कोई राज है
सब चल रहे कांटो भरे सफ़र में
हर कोई फूलों का मोहताज है
दर्द ही दर्द है दिल के दरमियां
हर दिल की अपनी एक आवाज है
भीड़ लगी है ग़म को छुपाने की
पर सभी के सिर गमों का ताज है
तलाशता हूं हर मोड़ पर खुशियाँ
क्योंकि गमों का पल पल आगाज है
मुस्कुराता रहता हूं मैं शामो शहर
ग़म भुलाने का अपना अलग अंदाज है
– रमाकान्त पटेल