कविता

चुनावों के समय

मैंने देखा है, चुनावों के समय,
सभ्य को गंवार होते हुए,
और चुनाव परिणामों के समय,
गंवारों को सभ्य होते।
समय,के साथ, गंवार शब्दों को,
सभ्य खा जाते हैं, हज़म कर जाते हैं।
और खून में मिला देते हैं।
और फिर कहते हैं, वे शब्द तो फ्लश हो गए।
गटर के थे, गटर में मिल गए।
और आज, आज फिर यहां भी,
कुछ पुरानी कही बातें, छिप जाएगी, देखना।

— डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

नाम: डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी शिक्षा: विद्या वाचस्पति (Ph.D.) सम्प्रति: सहायक आचार्य (कम्प्यूटर विज्ञान) साहित्यिक लेखन विधा: लघुकथा, कविता, बाल कथा, कहानी सर्वाधिक अकादमिक प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु रिकॉर्ड अंग्रेज़ी लघुकथाओं की पुस्तक रिकॉर्ड हेतु चयनित 12 पुस्तकें प्रकाशित, 8 संपादित पुस्तकें 32+ शोध पत्र प्रकाशित 40+ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त फ़ोन: 9928544749 ईमेल: chandresh.chhatlani@gmail.com डाक का पता: 3 प 46, प्रभात नगर, सेक्टर-5, हिरण मगरी, उदयपुर (राजस्थान) – 313 002 यू आर एल: https://sites.google.com/view/chandresh-c/about ब्लॉग: http://laghukathaduniya.blogspot.in/