बाल कविता

चिड़िया रानी 

छोटी सी है चिड़िया न्यारी,

फड़ फड़ करती हैं प्यारी,

कौन सिखाता ऊँचा उड़ना,

दाना-दाना चुगकर लाना। 

मस्ती में कैसे वह जीती।

मीठे मीठे गाने गाती।

छोटे छोटे पंख सुनहरे।

मीठे लगते बोल सुरीले।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८

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