मुक्तक/दोहा

जोगीरा सा रा रा रा..

बड़े बड़े कर वादे हमने, पायी यह सौगात। 

कभी नमन, वंदन, जोडे कर, भुला चले औकात।।

जोगीरा सा रा रा रा….

गले लगाया अनजानों को, प्यार भरी की बात।

भूख खरीदी, पैसा बाँटा, पीछे से आघात।।

जोगीरा सा रा रा रा….

कुर्सी से हैं नाता प्यारा, गाते उसका राग।

थोडी खुशियां हम भी पा ले, लगे न कोई दाग।।

जोगीरा सा रा रा रा……

जेबें हम भी भर ले अपनी, छोटी सी हैं चाह।

सखा हमारे, वोट हमें दो, वैभव मिले अथाह।।

जोगीरा सा रा रा रा…

चंचल जैन

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८

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