स्वारथ हित है प्रेम उमड़ता
स्वारथ का है खेल जगत का, स्वारथ का ही मेल है।
स्वारथ हित है प्रेम उमड़ता, घर बन जाता जेल है।।
स्वारथ के हैं बहन और भाई।
स्वारथ के हैं ताऊ और ताई।
स्वारथ हित जो एक हुए थे,
स्वारथ खोदे फिर से खाई।
स्वारथ हित है सेवा होती, हड्डियों से निकले तेल है।
स्वारथ हित है प्रेम उमड़ता, घर बन जाता जेल है।।
स्वारथ को अब सब स्वीकारो।
स्वारथ जीओ, कभी न हारो।
स्वारथ है, सबकी संतुष्टि,
स्वारथ में भी, हक ना मारो।
स्वारथ ही है जीवन यात्रा, स्वारथ मौत की सेल है।
स्वारथ हित है प्रेम उमड़ता, घर बन जाता जेल है।।
स्वारथ हित है पूजा होती।
स्वारथ हित खुलती है धोती।
स्वारथ हित है कोख बिक रही,
स्वारथ हित बिकती है पोती।
स्वारथ में संबन्ध बिक रहे, स्वारथ की रेलम-पेल है।
स्वारथ हित है प्रेम उमड़ता, घर बन जाता जेल है।।