दोहा मुक्तक
प्रदत शीर्षक- जीभ – रसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, वाणी, वाचा, जबान।
रसना मीठी रसमयी, वाणी बचन जबान
रसिका हिंदी माँ मयी, जिह्वा कंठ महान
जस लिक्खे तस गाइयाँ, भाषा यह अनमोल
देवनागरी लिपि सरल, वाचा मधुर सुजान।।
महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
प्रदत शीर्षक- जीभ – रसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, वाणी, वाचा, जबान।
रसना मीठी रसमयी, वाणी बचन जबान
रसिका हिंदी माँ मयी, जिह्वा कंठ महान
जस लिक्खे तस गाइयाँ, भाषा यह अनमोल
देवनागरी लिपि सरल, वाचा मधुर सुजान।।
महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी