कविता

गौ सृष्टि का आरम्भ है

गौ सृष्टि का आरम्भ है
••••••••••••••••••••••
गौ सृष्टि का आरम्भ है
शुभारंभ है |
गौ मानवता की पौशक है
दानवता को हानिकारक है ||

हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई भेद न करती
अपना अमृतमयी दुग्ध पिलाती |
अन्त समय में वैतरणी पार लगाती ||

गौ-गायत्री-गीता और गंगा भारत की पहचान
ये सब हैं ईश्वर का वरदान |
रे भोले इंसान इनको दे तू मान – सम्मान ||

अपनी आजादी की प्रतीक गौ माता है
मंगल पांडे का भाव सहज तब हृदय में आता है |

वेद-पुराण, बाईबल-कुरान ने गौ की महिमा बताई
फिर इस आदमी ने क्यों गौ पर छुरी चलाई…?
मत जिह्वा के स्वाद को धर्म बनाओ
अन्त समय के उस दृश्य को मत भुलाओ ||

गौ पालन है धर्म हमारा
गौ बचेगी तब ही तो देश बचेगा हमारा ||
गौ सृष्टि का आरम्भ है
शुभारंभ है ||

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111