कविता

कब तक मौन रहेगी सरकार

जग  में फलीभूत हो रही है अपराध
मस्ती में है अपराधी की हर बात
कौन दे रहा है इसे      धरातल
मौन क्यूँ बैठी है अब तक सरकार

कानून का कोई खौफ नहीं है
कौन सी है भाई यह दयार
या देश में सुशाषण नहीं है
या ब्यवस्था हो चुकी है लाचार

हत्या अपराध और बलात्कार
जग में हो रही है आज गुलजार
देश में अमन चैन नहीं है अब
क्या बन चुका अपराध कारोबार

दिल्ली यू पी हो या हो बिहार
हर प्रदेश में फल रहा अत्याचार
कौन सी रिश्ते की डोर बँधी है
कौन बना सत्ता के अहम रिश्तेदार

कितनी गहराई तक जा पहुँची है
अपराधी के नापाक    दरबार
दहशत में है देश की आम जनता
रो रहे हैं पीड़ीता के     परिवार

अमन चैन से विमुख है जग
कौन करे शुषाण का अविष्कार
कुरसी पाने की जुगत में खड़ा है
नापाक राजनीति नापाक सरकार

दल दल में डूबा आकंठ शांति
डूब गया जगत का व्यवहार
घूम रहे हैं दुर्जन गली गाली
खोज रहे हैं अगला शिकार

— उदय किशोर साह

उदय किशोर साह

पत्रकार, दैनिक भास्कर जयपुर बाँका मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार मो.-9546115088