गुरु पूर्णिमा
आज है गुरु पूर्णिमा का दिन
आओ गुरु का ह्रदय में ध्यान धरें
और सब काम बाद में कर लें गे
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
गुरु का है जीवन में उच्चतर स्थान
उनकी शिक्षाएं हमें बनाती महान
उनकी भरसक सेवा सत्कार करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
हर सफल इंसान पर है गुरु का हाथ
चाहे खेल हो या चुनौतियों का साथ
उनका आशीर्वाद शिरोधार्य धरें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें।
गुरु के लिए जो करो वह कम है
मैंने कुछ किया यह अपना वहम है
भूल से भी न उनका अपमान करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
गुरु की महिमा का वर्णन मुश्किल
बनाता हमको हर तरह से क़ाबिल
सुबह शाम उनका गुणगान करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
सफलता का मार्ग गुरु दिखलाता
जीवन की बारीकियां समझाता
गुरु ज्ञान को न नजरनदाज करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें।
गुरु के चरणों से लगे रहना है
सभी ग्रन्थों का यह कहना है
इस तथ्य को हम भी स्वीकार करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें।
प्रथम गुरु हैं सबके ही माता पिता
उसके बाद गुरु, बन्धु और सखा
माता पिता का जग में नाम करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
इन्सान जीवन भर सीखता रहता
फिर भी पूर्णता से दूर रहता
आओ मैं -मैं का बहिष्कार करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
जिसका जो अच्छा लगे अपना लें
सत्य के मार्ग पर सदा चलते चलें
जीवन में नये-नये आयाम भरें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
समय इन्सान का सबसे बड़ा गुरु
तदनुसार होते दिन के काम शुरू
समय का भरपूर सम्मान करें
पहले सदगुरु को प्रणाम करें ।
— नवल अग्रवाल
