धूम-धड़ाम
लो जी लो मानसून आयाबादलों ने आसमान में डेरा जमायाझूम-झूम कर धरती लहराईआशाओं- उमंगों ने भरी अंगड़ाई। तपती गर्मी से
Read Moreहां मैं सच हूंएक दिन सामने ज़रुर आऊंगाउठ जाएगा फिर झूठ से पर्दादोषियों को सजा जरूर दिलवाऊंगा। पहले भी कई
Read Moreयोग चित्त में एकाग्रता लाएध्यान आपकी स्मरण शक्ति बढ़ाएतमाम व्याधियों से सहज मिले मुक्तिआज से हम सब भी योग अपनाएं।
Read Moreहां यह सच है कि पैसा बोलता हैराजदारों का भी मुंह खोलता हैइसको देखकर बड़ों- बड़ों कासहज ही ईमान डोलता
Read Moreचलो प्रकृति से नजदीकियां बढ़ाएंएक हाथ निःस्वार्थ दोस्ती का बढ़ाएंबनावटी पन सब दूर हो जाएगाजीवन का मर्म समझ में आएगा
Read Moreजब बात चाय की होपकौड़े सहज याद आ जाते हैंदोनों की दोस्ती है बेशुमारदोनों एक दूजे के मन भाते हैं।
Read Moreजिनके पास हों एक से एक बढकरअत्यंत ही कुशल रणनीतिकारतब आगे भी ऐसे ही चमत्कारिकपरिणामों के लिए रहिये तैयार ।।
Read Moreरोज मर्रा की इस भाग दौड़ मेंबनावटी पन के इस विकट दौर मेंज़िन्दगी तू किस मोड़ पर आ फंसीकहां खो
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