गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 08/03/202508/03/2025 ग़ज़ल इश्क़ बदहाल हज़ारों का हैऔर ये वक़्त बहारों का है दिल बुझा और नज़र फीकी-सीपर चटक रंग नज़ारों का है Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 08/03/202508/03/2025 ग़ज़ल बिन हुए नाम हमारा क्या हैरंग या दाम हमारा क्या है बज़्म या बाॅर कहाँ हम होंगेहो गई शाम हमारा Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 13/01/202513/01/2025 ग़ज़ल दे दिखाई न दूसरा कोईठंड से काँपता हुआ कोई और किस रोज़ धूप निकलेगीतापता आग पूछता कोई फूल कुम्हला गए Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/01/202507/01/2025 ग़ज़ल देखकर रुख़ निबाह में क्या हैझूठ की आह-वाह में क्या है लोग भी दे रहे मुझे क्या-क्यायार ख़ाली सलाह में Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 04/12/202404/12/2024 ग़ज़ल उसे तुमसे मुहब्बत है बहुत हीकरो कुछ तो ज़रूरत है बहुत ही ज़रूरी तो नहीं हर बार कहनामदद करना इबादत Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/11/202407/11/2024 ग़ज़ल सुब्ह है इस प्रकार से अच्छीधुंध है अंधकार से अच्छी मत उतरना कि डूब जाओगेये नदी आर-पार से अच्छी कब Read More
कविता केशव शरण 19/10/202419/10/2024 तुम आए सुहाना मौसमसफ़र में थाचला था कन्याकुमारी सेचार दिन हमारे शहर में थाऔर चारों दिन मैंअपने घर में थाकहाँ जाऊँ की Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 03/10/202403/10/2024 ग़ज़ल दिन दूर जनाब नहीं रहताजब गाल गुलाब नहीं रहता दो रोज़ गुमान जवानी काइक रोज़ शबाब नहीं रहता ये प्यार Read More
कविता केशव शरण 15/09/202415/09/2024 डूबो कुछ गुहर के लिए कुछ अपने में डूबोकुछ दुनिया मेंउचटे हुए खोए-खोए मत रहोनहीं तो खो जाओगे एक रोज़और खो दोगे वे अमूल्य गुहरजो Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 08/09/202408/09/2024 ग़ज़ल आ गए चट्टान-धारा देखने के वास्तेआबशारों का नज़ारा देखने के वास्ते कम पड़ेगा एक पूरी ज़िंदगी का वक़्त भीदेस का Read More