गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 10/07/202610/07/2026 ग़ज़ल न थी सुध, इश्क़ में बदनाम होगीभुगतती ज़िंदगी अंज़ाम होगी मुहैया जो कराई थी छली नेमयस्सर फिर न वैसी शाम Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/07/202607/07/2026 ग़ज़ल अब कब बरस रही है हम इन्तज़ार करतेकाली घटा घिरी है हम इन्तज़ार करते इक प्यार की ख़ुशी बिन कोई Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/06/202607/06/2026 ग़ज़ल टूटने के कगार पर है येदिल रहे शाद यार पर है ये इक यही पेड़ है कि सूख रहाजबकि बगिया Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/06/202607/06/2026 ग़ज़ल आदमी का स्वभाव होता हैसोचता है तनाव होता है दर्द को भी बुलन्दतर करताजो गहनतर लगाव होता है नर्म दिल Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 15/05/202615/05/2026 ग़ज़ल कुछ नया देखने इधर आयापर तमाशा वही नज़र आया कुछ नहीं है सिवाय वीरानासोचता हूँ कि मैं किधर आया भेंट Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 08/04/202608/04/2026 ग़ज़ल पेड़ पीली पत्तियों से भर गयाक्या समझकर फूस का घर डर गया हर किसी ने किस तरह देखा मुझेछोड़ वो Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 13/03/202613/03/2026 ग़ज़ल ये नहीं सिम्त चार अभी कम हैमुझमें ही ये बहार अभी कम है जानती ख़ुशगवार दुनिया भीमेरा दिल ख़ुशगवार अभी Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 08/02/202608/02/2026 ग़ज़ल महरूम हुआ खाने-पीने-सोने सेअपनी महबूबा के रूठे होने से हुस्न समझ बैठा है इश्क़ सहमता हैउसको या उसकी हमदर्दी खोने Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 05/01/202605/01/2026 ग़ज़ल बराबर धुंध, बदरी चल रही हैअभी तक शीतलहरी चल रही है रहे कर ऐश ए सी में प्रणेताकि कोई बात Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 01/12/202527/11/2025 ग़ज़ल उड़ गया जिस्म आशनाई काबम दिया फोड़ बेवफ़ाई का सिर्फ़ चेहरा सियाह करती हैअब यही काम रोशनाई का गोपियों की Read More