मावठा
सर्दी की पहली बरसातउपवन में छाईमहीनों के बाद बाहर। छाई हरियाली खेतों मेंऔर छिटकी सूर्य कीपहली लाल किरणबागों में। दूर
Read Moreमेरी महफिल में अगरतुम आओ तोसारे शहर के गम ले आओउन गमों कोमेरे मुर्शद की एक मुस्कुराहट सेघायल कर जाओ।
Read Moreवक्त का व्यक्तित्व हैवरना कौन जानतायहां किसी को? पद की गरिमा हैवरना कौन करतायहां सम्मान किसी का? दिल की हसरत
Read Moreगली-गली फिरती युवतीबन राधाप्रेम भयो न कोई ।गली-गली फिरते संतबन योगीध्यान मग्न न कोई ।गली-गली फिरते साधकबन तपस्वीचिंतन करत न
Read Moreमां भगवती सदैव आपकी शरण रहूँभले दुखों का प्रहार होभले सुखों की बाहर हो।मां भगवती सदैव आपकी चरणवन्दना करुँभले लोग
Read Moreसदा प्रसन्ना मां जगदंबामम ह्रदय तुम वास करो।लेकर खड़ग त्रिशूल हाथ मेंमम शत्रुदल संहार करो।चड-मुंड के मुंड धारण कर्तामम संकट
Read Moreजिंदगी जोंक सीरक्त पान कर रही है।मौत के नगर मेंजिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।काले उजले दिन मेंदेश का गणतंत्रसुखे
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