कविता

योजनाएं

सरकारें बनाती है योजनाएं

देश के विकास के लिए

विकास देश का कम

कार्यपालकों का ज्यादा होता है

गरीबी हटाओ का नारा

पचास साल पहले आया

एक अर्ध शताब्दी कम नहीं होती

लेकिन गरीबी अब भी बरकरार है

हां इसकी एवज में 

कई लोग अमीर

से और अमीर हो गए

गरीब वहीं के वहीं रह गए

गंगा साफ करने को

34 वर्ष पूर्व लाई गई 

गंगा सफाई योजना

कितनी साफ हो गई

राम तेरी गंगा

मालूम नहीं

सफाई के बहाने

कोष से जो पैसा निकला

उसका कुछ अंश

लोगों की जेबों में आ गया

*ब्रजेश गुप्ता

मैं भारतीय स्टेट बैंक ,आगरा के प्रशासनिक कार्यालय से प्रबंधक के रूप में 2015 में रिटायर्ड हुआ हूं वर्तमान में पुष्पांजलि गार्डेनिया, सिकंदरा में रिटायर्ड जीवन व्यतीत कर रहा है कुछ माह से मैं अपने विचारों का संकलन कर रहा हूं M- 9917474020