हाइकु/सेदोका

अधूरी ख़्वाहिश

चाँद आधा ठहरा,
खिड़की पर रात जागे,
मन कुछ कहता है।

सूनी-सी राहें,
पदचिह्न कहीं खो गए,
सपना अधूरा।

बुझते दीपक में,
अब भी लौ बाकी है,
आशा साँस लेती।

जो पास न आया,
उसकी यादों की खुशबू,
हवा में ठहरी।

एक ख़त अधूरा,
शब्दों में मौन बसा है,
आँखें पढ़ती हैं।

सूना आँगन है,
पायल की धुन खो गई,
साँझ उदास है।

टूटा-सा सपना,
तकिए पर चुपचाप पड़ा,
नींद नहीं आती।

वक़्त गुजरता है,
पर कुछ पल ठहर जाते,
दिल में हमेशा।

अधूरी ख़्वाहिश,
शायद फिर जन्म लेगी,
नई सुबह में।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com

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