कविता

प्रेम दीवानी

गुजार दी सारी ज़िन्दगानी,
बनकर जोगन दीवानी!
मैं तो गली गली गाऊं,
तेरी कहानी मेरी जुबानी !!

मुझको तो मिला विष का प्याला!
उनको तो मिला प्रेम का प्याला!!
फूल ले गये खुशबू ले गये,
मेरे हिस्से में काटें छोड़ डाला !!

मैं दर्द दीवानी!
वो प्रेम दीवानी !!

गुजार दी सारी ज़िन्दगानी,
बनकर जोगन दीवानी!
मैं तो गली गली गाऊं,
तेरी कहानी मेरी जुबानी!!!

— मनोज शाह ‘मानस’

मनोज शाह 'मानस'

सुदर्शन पार्क , मोती नगर , नई दिल्ली-110015 मो. नं.- +91 7982510985

Leave a Reply