बाल कविता

जादूगर

विधा- बाल गीत
शीर्षक- जादूगर

काला कोट, बड़ी सी टोपी पहनकर,
हाथ में जादू की सुनहरी छड़ी लेकर,
हँसते-हँसते मंच पे #जादूगर आया,
छड़ी घुमाई, जादू का खेल दिखाया।

गिली-गिली गिली-गिली तारा चमका,
फूल मुस्काना सीखा, मन मेरा महका,
रंग-बिरंगे सपनों को उसने दिखलाया,
नन्ही आँखों में कौतुहल जग आया।

जेब से निकली चिड़िया, रूमाल से फूल,
टोपी से खरगोश, खाली कटोरी से धूल,
ताली बजाते नन्हे बच्चे, हर्षित उनका मन,
कागज को उसने पंछी बनाया, छूने लग गगन।

जादूगर जादू दिखलाता है, मनोरंजन करता है,
खाली जेब दिखाकर फूलों से जेब भरता है,
जादूगर जी, जादू कैसे दिखाते हो, हमें बताओ,
“ऐसी करामत मत अभी नहीं, पहले बड़े हो जाओ!
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

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