जादूगर
विधा- बाल गीत
शीर्षक- जादूगर
काला कोट, बड़ी सी टोपी पहनकर,
हाथ में जादू की सुनहरी छड़ी लेकर,
हँसते-हँसते मंच पे #जादूगर आया,
छड़ी घुमाई, जादू का खेल दिखाया।
गिली-गिली गिली-गिली तारा चमका,
फूल मुस्काना सीखा, मन मेरा महका,
रंग-बिरंगे सपनों को उसने दिखलाया,
नन्ही आँखों में कौतुहल जग आया।
जेब से निकली चिड़िया, रूमाल से फूल,
टोपी से खरगोश, खाली कटोरी से धूल,
ताली बजाते नन्हे बच्चे, हर्षित उनका मन,
कागज को उसने पंछी बनाया, छूने लग गगन।
जादूगर जादू दिखलाता है, मनोरंजन करता है,
खाली जेब दिखाकर फूलों से जेब भरता है,
जादूगर जी, जादू कैसे दिखाते हो, हमें बताओ,
“ऐसी करामत मत अभी नहीं, पहले बड़े हो जाओ!
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया
