ग़ज़ल
सोच हरदम रही बुरी उसकी।ढापता मैं रहा कमी उसकी। कोसता जो रहा सदा हमको,चाहते हम रहे खुशी उसकी। उसको परवाह
Read Moreअटल हमारे अटल तुम्हारे।नहीं रहे अब बीच हमारे।जन जन के थे राज दुलारे।अटल हमारे अटल तुम्हारे। बेबाक रहे बोल चाल
Read Moreबैंकिंग में एआई डेटा विश्लेषण करने, रुझानों और धोखाधड़ी के जोखिमों का पूर्वानुमान करने और ग्राहक सेवा में सुधार करने
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