ठीक उसी तरह जैसे
अपने अनुभबों, एहसासों ,बिचारों कोयथार्थ रूप मेंअभिब्यक्त करने के लिएजब जब मैनें लेखनी का कागज से स्पर्श कियाउस समय मुझे
Read Moreअपने अनुभबों, एहसासों ,बिचारों कोयथार्थ रूप मेंअभिब्यक्त करने के लिएजब जब मैनें लेखनी का कागज से स्पर्श कियाउस समय मुझे
Read Moreऐसे कुछ अहसास होते हैं हर इंसान के जीवन में भले मुद्दत गुजर जाये , बे दिल के पास होते
Read Moreमेरे मालिक मेरे मौला ये क्या दुनिया बनाई है किसी के पास खाने को मगर बह खा नहीं पाये तेरी
Read Moreकिसको अपना दर्द बतायें कौन सुनेगा अपनी बात सुनने बाले ब्याकुल हैं अब अपना राग सुनाने को हिम्मत साथ नहीं
Read Moreदेखा जब नहीं उनको और हमने गीत नहीं गाया जमाना हमसे ये बोला की बसंत माह क्यों नहीं आया बसंत
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