परिवार एवं विद्यालय पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा दें
लेख की शुरुआत मैं मनोशिक्षाविद् विलियम हाॅल के एक वाक्य से करता हूं जिसमें वह कहते हैं कि यदि हम
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Read More“सूखा ताल नीचे गहरी खाई में था। उसके साथ-साथ ही पहाड़ की यह खड़ी दीवार थी, जिसके किनारे पर खड़े
Read Moreसाहित्य की विविध विधाओं में संस्मरण, यात्रावृत्त एवं आत्मकथाएं पाठकों को बहुत लुभाती रही हैं। कारण कि हर कोई अपने
Read Moreभारत में ज्ञान संस्कृति की सम्पदा श्रुत परम्परा में सुरक्षित, संरक्षित एवं जीवित रही है। इसीलिए वेदों एवं अन्य आर्ष
Read Moreसंकट संबल निकलेगा। भाई का बल निकलेगा। पत्थर की कारा से अब, जीवन रस जल निकलेगा।। सब अपने, कौन पराया।
Read Moreप्रेम सने दो बोल कबीरा। होते हैं अनमोल कबीरा।। दुखी-उदासी की बेला में। देते चीनी घोल कबीरा।। बिछड़े संगी मिल
Read Moreनाटक दर्शकों को प्रेम, रहस्य, रोमांच, हर्ष, खुशी, आत्मीयता और सौंदर्य की उस ऊंचाई पर ले जाता है जहां वे
Read Moreसंस्कृत वांग्मय का आंगन जल-महात्म्य के श्लोंको-ऋचाओं से परिपूर्ण है। आप: वंदे मातरम् कह कर प्राणिमात्र के पोषण के लिए
Read Moreआज से एक दो-तीन दशक पूर्व तक हमारे घरों में एक नन्ही प्यारी चिड़िया की खूब आवाजाही हुआ करती थी।
Read Moreएक पाठक के तौर पर संस्मरण मुझे हमेशा आकर्षित करते रहे हैं। एक तो यही कि संस्मरण पढ़कर सम्बंधित व्यक्ति
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