गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 23/09/2020 ग़ज़ल पहलू में बैठ कर तेरे मेरे कम़र लिखूं। जी चाहता है आज तुझे रात भर लिखूं।। जो कह दे तू Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 12/07/202013/07/2020 ग़ज़ल खिली हुई है रंगत आहिस्ता से आये हैं। खुमार आँखों में ले नींद से जगाये हैं।। हसींन ख़्वाब हो जैसे Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 22/06/2020 ग़ज़ल हम ठहरते नही फायदा देखकर। ये कदम रुकतें हैं गमजदा देखकर।। यूं तो आँखों में बसती है सूरत तेरी। चाँद Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 24/05/202024/05/2020 ग़ज़ल जो हम आइने में सवरने लगे। हमें देखकर वो मचलने लगे।। नशा इस कदर उनपे छाया के फिर। वो तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 22/04/2020 ग़ज़ल दीद करने न आओ कोई गम नही। दूर से ही मगर गुनगुनाते रहो।। याद आ जाये तुमको कभी तो सनम। Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 12/03/2020 इश्क की आग उसे इश्क की आग में अब जलने दो। कैदियों की तरह उसे भी मचलने दो।। हो गये रूसवा जमाने में Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 24/02/2020 ग़ज़ल कभी दर्द लिखा कभी प्यार लिखा। खता भूलकर खत कई बार लिखा। न आया सनम तू न खत आये तेरे। Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 04/01/2020 गीतिका आस उनसे हम लगा बैठे लोगो। आग दिल में यूं जला बैठे लोगो।। इस कदर उनसे मुहब्बत हो गयी। हम Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 25/11/201925/11/2019 गजल वो गजल आनलाइन लिखा करते हैं। जाने किस नाजनीं से वफा करते हैं।। कह दो कोई तो जाकर सनम से Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रीती श्रीवास्तव 20/10/2019 ग़ज़ल उसने दिया हमको ये इल्जाम है। इश्क को हमने किया बदनाम है।। रूठ कर हम जाये किधर किस शहर। हर Read More