मुक्तक/दोहा

मेरी बातें

छोड़ चलो तुम अहंकार को, बनो नेक इंसान। सदा सत्य मीठी वाणी हो, प्राप्त करो सम्मान।। आज जमाना सुंदरता का, यहीं लगाते ध्यान। चन्द्र तेज सा मुखड़ा जिनका, खूब उन्हें अभिमान।। चार दिनों का जीवन सब का, कभी छाँव अरु धूप। उम्र ढलेगी वृद्धावस्था, ढल जाएगा रूप।। पढ़े लिखे मानव हैं सारे, फिर भी कैसी […]

लघुकथा

लघुकथा : स्नेहा की जीत

बर्तन माँजती हुई स्नेहा को जब पता चला कि उसकी सास उसे न केवल घूर रही है, बल्कि तंज कसते कुछ सख्त शब्द छोड़ रही है ; स्नेहा से नहीं रहा गया। हाथ धोकर तुरंत उठी। बोली- “माँ जी आपको हमेशा मेरी ही गलती नजर आती है क्या ? जब देखो गैरों की तरह हर […]

बाल कहानी

बालकहानी : सोना समझ गयी

“मैं बहुत थक गयी हूँ। अब एक कदम भी नहीं चला जाता है मुझसे। सुबह से शाम तक बस; सिर्फ काम ही काम। सुनिए जी, आज मैं घर पर ही रहूँगी। आप जाइये काम पर।” नन्हीं चींटी सोना ने अपने पति डंबू से कहा।           डंबू ने सोना को चिढ़ाते हुए […]

कविता

पश्चात्ताप

इक दूसरे को देख कर, पीछे उसी के भागते। आगे रहे उनसे सदा, लिप्सा भरे वे जागते।। राहे बुरे भी क्यों न हो, चलना कभी ना छोड़ते। रोके अगर मनमीत जी, मुँह को उसी से मोड़ते।। नीचा दिखाते दूसरों, को क्या जमाना आ गया। ऊँचा बढ़े रुतबा यहाँ, छल-द्वेष मन में छा गया।। ना मोह […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

छत्तीसगढ़ का एक धार्मिक व आध्यात्मिक स्थल : राजिम

हमारा छत्तीसगढ़ धर्म और आध्यात्म का विशेष स्थल है; जहाँ देवी-देवताओं का वास होता है ; स्वंयभू भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग जगह-जगह विद्यमान हैं। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ धान की फसल का उत्पादन बहुतायत है। ऐसे ही हमारे छत्तीसगढ़ को तीर्थस्थानों की जगह कहा जा सकता है, क्योंकि […]

बाल कहानी

बालकहानी – इस बार की दीवाली

नरेश कक्षा आठवीं का छात्र था। उसकी दो बहनें थीं- जयंती और नंदनी। वह सबसे छोटा था। माँ-बाप खेती-किसानी करते थे। अल्प वर्षा के कारण इस साल फसल अच्छी नहीं थी। वैसे भी घर की आर्थिक स्थिति पहले से खराब थी। जैसे भी हो, बस गुजर-बसर हो रहा था। दीपावली का त्यौहार आया। दीपावली की […]

गीत/नवगीत

शिक्षक की शिक्षा

शिक्षक शिक्षा देते हम को, जीवन ज्योति जलाते। अज्ञानी को राह दिखाते, आगे उसे बढ़ाते।। इधर उधर की बातें छोड़ो, ईश्वर से मिलवाते। उज्ज्वल भविष्य बनता सब का, ऊँचाई चढ़ जाते।। एक सभी बच्चों को रखते, ऐनक आँख लगाते। ओजस्वी जीवन में लाते, अवसर भी दिलवाते।। अंकुर से वो वृक्ष बनाते, अहम कभी ना पाले। […]

गीत/नवगीत

अमर रहेगा नाम

पल पल का वो साथ हमारा, इक दूजे सँग रहते थे। छोटी मोटी हर बातों को, खुलकर दोनों कहते थे।। बीत रहा था वो लम्हा भी, बड़ी हुई मैं छाया में। जरा धूप ना आये मुझपे, छुपा रखे थे काया में।। हँसते गाते साथ बिताये, और चली लम्बी बातें। “बहुत समय है” कहते कहते, बीत […]

गीत/नवगीत

मुर्गों का दर्द

कुकड़ूँ कूँ आवाजों से हम, सब को सुबह जगाते हैं। कुछ दिन की जिंदगी हमारी, फिर भी मारे जाते हैं।। मुर्गा मुर्गी सारे चूजे, जाते लेकर हम टोली। ढूंँढ़-ढूंँढ़ कर खाते दाने, करते हम मीठी बोली।। सुंदर सा परिवार हमारा, मानव समझ न पाते हैं। कुछ दिन की जिंदगी हमारी, फिर भी मारे जाते हैं।। […]

गीत/नवगीत

संघर्ष

समय नहीं है अब सोने का, उठकर आगे आना है। संघर्षों से लड़ कर हमको, जीवन सफल बनाना है।। राह हजारों होते हैं जी, जो हमको भटकाते हैं। पाँव पकड़ कर पीछे खींचे, समझ नहीं हम पाते हैं।। बहरे मेंढक बन कर हमको, चोटी में चढ़ जाना है। संघर्षों से लड़ कर हमको, जीवन सफल […]