फिर कैसे मुंह दिखाएंगे
सब बैठे हैं कुछ न कुछ लिखने को,इसे होड़ न समझिए कि कर रहेएक दूजे से अच्छा दिखने को,कोई लिख
Read Moreसब बैठे हैं कुछ न कुछ लिखने को,इसे होड़ न समझिए कि कर रहेएक दूजे से अच्छा दिखने को,कोई लिख
Read Moreदेखो कैसा मुमालिक ये,फर्ज को भुला बैठा हैबन बैठा जज या पीठाधीश,काम क्या खुद का भूल गयाकहते जो खुद को
Read Moreमर जाने के डर सेनहीं मरना चाहते हो,तो आज ही मर जाओ,बड़ी जिंदगी चाहते होतो अभी सुधर जाओ,सुधर कर भी
Read Moreजैसे ही मताधिकार दिवस आया,समारू के अंदर भीवोट देने का विचार समाया,पहले तो खूब सोच विचार किया,क्या खोया क्या पाया
Read Moreजिस जहर को फैलाने मेंमदद कर रहे हो दुश्मन को,एक दिन निश्चित रूप सेपहुंच जाएगी तुम्हारे ही बच्चों तक,तब तुम्हें
Read Moreकट रहा है वो सुंदर सामनमोहक नजारों वाला जंगल,मरेंगे समस्त जीव-जंतु,आदिवासीऔर होगा धनकुबेरों का मंगल,पनपते जाएंगे बहुत ही घनाकंक्रीटों का
Read Moreभाईचारा के चक्कर मेंफेंके चारा चर रहे हैं,दरी बिछा और पोस्टर चिपकासमाज सेवा कर रहे हैं,अपना खुद का गान नहीं
Read Moreउन्होंने अनुमति विहीन सभा बुलाया,जोरदार मजहबी नारा लगाया,नारे के द्वारा और मजहबियों को हड़काया,और कुटिलतापूर्ण गर्व से बताया,अब इस जगह
Read More