संयम की शक्ति और कलम की धार
क्रोध बड़ा नहीं होताबड़े होते हैं संयत आचार, व्यवहार,एक अदने से कलम के आगेझुकती आयी है लाखों तलवार, संयम के
Read Moreक्रोध बड़ा नहीं होताबड़े होते हैं संयत आचार, व्यवहार,एक अदने से कलम के आगेझुकती आयी है लाखों तलवार, संयम के
Read Moreचारों तरफ धुआँ उठा है,तुम सिंहासन पर आँख मूँदे बैठे हो,राजकोष खाली पड़ा है,पर चेहरे पर शाही नूर ओढ़े बैठे
Read Moreमेरे नस-नस में समाया हैबाबा साहेब का उपकार,कोई नासमझ जब ना समझे,चाहे करता रहे इंकार,दीये बुझे थे जिन राहों में,वहाँ
Read Moreहां हम छोड़ेंगे,तुमसे डरना छोड़ेंगे,सदियों का जो गुरूरपाल रखे हो मन मेंवो भ्रम भी तोड़ेंगे, डरना हमारी बपौती नहीं था,वो
Read Moreभारत में ‘आरक्षण’ केवल एक नीति नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता को पाटने और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम
Read Moreराजनीति को किसी भी लोकतांत्रिक देश की आत्मा माना जाता है। अरस्तू से लेकर चाणक्य तक, सभी विचारकों ने राजनीति
Read Moreतोड़े हैं गलतफहमियों ने मेरे सारे रिश्ते,जिन्हें मैं समझता था फरिश्ते,अब पता नहीं उन सबकोखुन्नस किस बात की थी,शायद कभी
Read Moreगद्दी पर जो बैठा है,वो केवल एक मुखौटा है,असली खेल तो कहीं दूर,उस तोते ने ही ओटा है,किस्सों का जादूगर
Read Moreमैं कहीं जा रहा था,रास्ते में एक जगह रुका।तभी एक बुढ़ऊ मुझसे टकराया,सत्ताधारी नेता का गुणगान सुनाया। बोला—“सच्चा नेता वही
Read Moreयह गंध बड़ी ही न्यारी है,नेताओं को लगती प्यारी है,चमचों की टोली डोल रही,हर गली सुगंधी घोल रही,यह गंध नहीं
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