बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शासन की वर्तमान परिदृश्य में प्रासंगिकता
वर्तमान समय में जब देश की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, तब एक ऐसी सरकार
Read Moreवर्तमान समय में जब देश की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, तब एक ऐसी सरकार
Read Moreअब बता भी दे जरा,और क्या चाहती है तू मुझसे,तंग आ चुका हूं तुझसे,विवाहोपरांत मेरी पत्नी,क्लोज नहीं हो पायी उतनी,उतना
Read Moreनियमों की ऐसी आंधी चली,हर दिन नई किताब खुली,कल जो था बिल्कुल जायज़,आज वही बन गया गलती,शिक्षक की पीड़ा कौन
Read Moreसदियों के जुल्मों सितम काहम बदला लेंगे और जरूर लेंगे,मगर वो बदला होगा संवैधानिक तरीकों से,नजीर बने ऐसे लोकतांत्रिक तरीकों
Read Moreओढ़ ली खामोशी मैंने,किसी हथियार के रूप में नहीं,बस अपने बचाव के लिए,महसूस हो रहे दुराव के लिए, करता रहा
Read Moreगरीबी की भी जाति होती है साहब,वर्ना कम से कम गरीब लोग तोकायम कर लेते रोटी बेटी का रिश्ता,तब नहीं
Read Moreजंग जारी है…अंग्रेजों के चले जाने से हीखत्म नहीं हो जातीआजादी की लड़ाई,अभी भी भरे पड़े हैंइस देश के भीतरबहुत
Read Moreस्याही तो चेहरे पर फेंक दी,कालिख तो पोत दिए,इसके सिवा तुम कर क्या सकते हो,जातिवादी जलन और कुढ़नगहने रहे हैं
Read Moreजल,जंगल और जमीन केअसली मालिक,आपकी दुर्गति के कारण हैंखुद को सभ्य कहने वालेअसभ्य,बर्बर,नोचकर संपत्ति बनाने वालेवो लोग जोआज भी लगे
Read Moreचरणों में बैठकर भीख मांगने वाले,क्रोध तुम्हें शोभा नहीं देता,तुम एक निश्चित समय तककाम करने वाले होनहीं हो किसी के
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