अपने विचार
धार्मिक उन्माद है जोरो परमानवता की लाश पडी है सडको में ! दीमक लग रही है शिक्षा तंत्र मेंयुवा हो
Read Moreधार्मिक उन्माद है जोरो परमानवता की लाश पडी है सडको में ! दीमक लग रही है शिक्षा तंत्र मेंयुवा हो
Read Moreबदले हुए तेवर है जमाने केइश्क है बस नाम के अफ़साने में ! ना जरा इंसानियत है बाकीयही दस्तूर है
Read Moreएक दिन यूं हो जाएगाये जहान जन्नत हो जाएगाजब इंसान का नामोनिशानमिट जाएगा इस जहान से ! पेड दरख्त नदी
Read Moreअंशु ने अभी-अभी अपने ससुराल की दहलीज पर कदम ही रखा था तभी धीरज की बुआ ने कहा ” बहु
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