कामयाबी
आज पड़ोस में बडी चहल-पहल है मैंने उत्सुकतावश खिड़की से झाँककर देखा तो कमला दिखाई दी “आज तुम्हारे घर में
Read Moreबदले हुए तेवर है जमाने केइश्क है बस नाम के अफ़साने में ! ना जरा इंसानियत है बाकीयही दस्तूर है
Read Moreएक दिन यूं हो जाएगाये जहान जन्नत हो जाएगाजब इंसान का नामोनिशानमिट जाएगा इस जहान से ! पेड दरख्त नदी
Read Moreअंशु ने अभी-अभी अपने ससुराल की दहलीज पर कदम ही रखा था तभी धीरज की बुआ ने कहा ” बहु
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