वह शख्स
वह शख्स चला गया ! जिसकी किसी को जरुरत नहीं, जिसका होना सभी को खटकता था । किसी को परेशान
Read Moreबदले हुए तेवर है जमाने केइश्क है बस नाम के अफ़साने में ! ना जरा इंसानियत है बाकीयही दस्तूर है
Read Moreएक दिन यूं हो जाएगाये जहान जन्नत हो जाएगाजब इंसान का नामोनिशानमिट जाएगा इस जहान से ! पेड दरख्त नदी
Read Moreअंशु ने अभी-अभी अपने ससुराल की दहलीज पर कदम ही रखा था तभी धीरज की बुआ ने कहा ” बहु
Read Moreदर्द का हद से गुजर जाना दवा बन जाता है!समय के बाद मिला दवा जहर बन जाता है!! जुर्म का
Read Moreउम्र गुज़री है जिसकी सरमाई मेंमौत भी आए उसके परछाई में ! अक्सर हम सोचते हैं तन्हाई मेंतुम बस गए
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