जिंदगी
कुछ न कुछ रह जाने से
सब कुछ रह जाने का नाम है जिंदगी !!
अपनो से पराये होने का
फिर सबके बेगाने होने का नाम है जिंदगी !!
सपने अधूरे रहने से
सपने चकनाचूर होने का नाम है जिंदगी !!
राह में तन्हा रह जाने से
दुनिया में तन्हा रह जाने का नाम है जिंदगी !!
सुबह से शाम होने का
शाम से स्याह रात होने का नाम है जिंदगी !!
खुशियो से गम में बदलने का
गम से गमगीन होने का नाम है जिंदगी !!
कुछ अधूरे ख्वाब ,हसरते
कुछ अनसुलझे सवाल का नाम है जिंदगी !!
— विभा कुमारी “नीरजा”
