आभूषण
गुप्ता जी बहुत चिंतित थे, और वो बारअलमारी खोलकर पैसे गिन रहे थे, और ये सोच रहे थे कि बच्चों को बाहर पढ़ाने के लिए पैसे कहां से लाऊंगा,क्योंकि बाहर बच्चे को पढ़ाने के लिए एडमिशन में ही लाख रुपए लग जाते है, फिर हॉस्टल का फीस, और कैंटीन का खाना, ये सब की व्यवस्था के लिए बहुत पैसे लग जाते है, जबकि गुप्ता जी की सैलरी सिर्फ पचास हजार थे, वो स्कूल के टीचर थे, और गुप्ता जी ने अपने दोनों बच्चों को भी खुद के ही स्कूल में पढ़ाया, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई में कम खर्च होता था, और घर का भी खर्च आसानी से निकल जाता है, लेकिन अब बच्चे बड़े हो गए हैं और पढ़ने के बड़े टाऊन मे जाना था, और बड़े कॉलेज में एडमिशन भी करवाना था, लेकिन इतने पैसे लाएं कहां से? जिससे वो अपने बच्चों के सपने पूरा कर सके, और पढ़ा लिखा कर अच्छे जॉब दिला सके । पलंग पर बैठे- बैठे गुप्ता जी यही सोच रहे थे, और अपने माथे पर हाथ रखे हुए थे ।
तभी गुप्ता जी की पत्नी सुनंदा चाय लेकर उनके पास आई, और बोली आप इतने चिंतित क्यों है? गुप्ता जी अपनी पत्नी की बात सुनकर बोले सुनंदा मै बच्चों को बड़े कॉलेज में एडमिशन नहीं करवा पाऊंगा, और न ही मेरे पास इतने पैसे है कि दोनों बच्चों की आगे की पढ़ाई जारी रख पाऊंगा, क्योंकि मेरे सैलरी सिर्फ पचास हजार रुपए है,और ये पैसे तो हमारे दैनिक.. जीवन में ही खर्च हो जाते हैं,तथा सेविंग के लिए कुछ नहीं बचता है। सुनंदा अपने पति गुप्ता जी की बात सुनते हुए बोली मैने तो सेविंग की है, वो भी पैसे। के रूप में नहीं,बल्कि गहनों के रूप में, और ये गहने सिर्फ गहने ही नहीं, बल्कि किसी औरत के लिए बैंक मनी है, जो विकट परिस्थि में उसे बचाता है, और परिवार के सपने भी पूरा करता है। गुप्ता जी अपने पत्नी की बात सुनकर बोले,ये गहने सिर्फ गहने नहीं है, बल्कि तुम्हारे आभूषण है, तुम तीज त्यौहार और पार्टी में पहन सकती हो। ये गहने मै कैसे ले सकता हूं? जिससे। तुम्हारे सुंदरता की शोभा बढ़ती है,
सुनंदा अपने पति की बात सुनकर बोली, ये सच है कि आभूषण ( गहने) हमारी सुंदरता की शोभा है, लेकिन हमारी जिंदगी की शोभा है, अगर किसी के गहने अधिक होंगे तो वो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकता है,इसलिए आप इन आभूषण को बेचकर अपने बेटे की भविष्य संवार लीजिए, गुप्ता जी अपनी पत्नी के बात से सहमत हुए, और बोले सच में आभूषण स्त्रियां की सुंदरता की शोभा ही नहीं है,बल्कि उसमें उज्जवल भविष्य छुपा हुआ है।उसके बाद गुप्ता जी हंसते हुए बोलते है, अब तो मैं तुम्हे शादी के सालगिरह पर तोफे के रूप में सिर्फ आभूषण ही दिया करूंगा तुम्हारे शोख भी पूरे हो जाएंगे, और हमारी सेविंग भी ।
— रीना सोनालिका
