सुहानी सुबह
हर सुबह सुहानी हो जाए
उम्मीद की कलियाँ खिल जाएं।
बिखरे जब सूरज की लाली,
घर-घर में लाए खुशहाली।
सुहानी सुबह के स्वप्न सजा,
जीवन पथ पर बढ़ते जाएं।
आशा की किरणें सजी रहें
उमंग हृदय में जगी रहें।
इस नई सुबह का स्वागत कर ,
इस नए वर्ष का स्वागत कर।
हर राह नई , मंजिल हो नई,
जीवन में भरी हो उमंग नई।
खुशियाँ बरसें ,नव स्वप्न सजें,
नवरंग बिखेरे यह जीवन ।
सरगम गुंञ्जित दिशाएं हो,
साकार सब कल्पनाएं हों।
रौशन हो मन का हर कोना,
जब भोर सुहानी अपनी हो।
ईश्वर का फिर वरदान मिले,
सफलता की नई कहानी लिखें।
— शालिनी श्रीवास्तव “सनशाइन”
