राजनीति

मेड इन भारत

सभी देशभक्तों से निवेदन है कि अपने राष्ट्र का नाम लिखने और बोलने में ‘भारत’ (Bhaarat) का प्रयोग करें भूलकर भी ‘इंडिया’ (INDIA) का प्रयोग न करें।

‘भारत’ नाम अत्यंत सार्थक और अर्थपूर्ण है, यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: भा + रत = भारत। ‘भा’ धातु का तात्पर्य चमकना, प्रकाशित होना, दिखाई देना आदि होता है, जैसे ‘भास्कर’, और ‘रत’ का अर्थ है लगे रहना, तत्पर रहना, प्रयत्न करते रहना आदि। दोनों को मिला देने से अर्थात ‘भारत’ का अर्थ होता है: “चमकने की लिये तत्पर रहना या प्रकाशित होते रहने के लिये प्रयत्नरत रहना।”

शासनिक, प्रशासनिक तथा सामाजिक सभी स्तरों पर प्रयास करने से ही भारत (INDIA) विश्व पटल पर ‘भारत’ जाना जायेगा और यहां रहने वाले हम सभी लोग ‘भारतीय’ जाने जायेंगे।

विश्व मानचित्र पर भी अपना देश ‘भारत’ के नाम से दिखाई देगा। जब विश्व मानचित्र पर ‘सीलोन’ जैसा छोटा सा देश ‘श्रीलंका’ हो सकता है तो हमारा इतना बड़ा और प्राचीन देश INDIA से भारत क्यों नहीं? इस विचार का अधिक से अधिक प्रचार करें।
🙏 मेरा भारत महान 🙏

— प्रेम चन्द्र शुक्ल

प्रेम चन्द्र शुक्ल

यूको बैंक में प्रबंधक के दायित्व से वर्ष 2011में अवकाश प्राप्त किया 1981 में योग में डिप्लोमा किया 1977 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक द्वितीय वर्ष प्रशिक्षित नगर व जिला स्तर पर विभिन्न दायित्वों का निर्वहन, वर्तमान में लखनऊ उत्तर भाग में परिवार प्रबोधन का कार्य। पता: एमएम 178, सेक्टर डी, अलीगंज, लखनऊ (226024) चल भाष: 7652045355

Leave a Reply