कविता

सामूहिक सामर्थ्य की ओर

विस्तार हुआ अब ज़रूरत है, आधार बनाने की,
बिखरी हुई हरेक शक्ति को फिर, साथ लाने की।
“ब्रिक्स” देशों का समूह नहीं, सपनों का संगम है,
दक्षिण की आवाज़ विश्व में, लाने का संकल्प है।

अर्थव्यवस्था हो या तकनीक, व्यापार हो या ज्ञान,
साझेदारी के मजबूत पुलों से, बढ़े सभी का मान।
न कोई छोटा, न कोई बड़ा, साझा हित हो पहचान,
मतभेद रहें तो संवाद रहे, यहीं तो हो इसकी शान।

भारत धरा से उठे स्वर, विश्व-व्यवस्था राह दिखाए,
विविधताओं में एका रख, संतुलन के दीप जलाए।
विस्तार तभी सार्थक होगा, जब सामर्थ्य साथ बढ़े,
ब्रिक्स की शक्ति घोषणा से, धरा पर परिणाम गढ़े।

नई सदी के इस पड़ाव पर, परीक्षा यही है आज—,
सामूहिक शक्ति बनेगी, विकास का सच्चा समाज?
विस्तार से आगे, विश्वास हो, सहयोग से नई उड़ान,
ब्रिक्स बने मजबूत सेतु, दुनिया में संतुलन सम्मान।
(संदर्भ – दिल्ली में हो रहीं ब्रिक्स की बैठक।)

— संजय एम तराणेकर

संजय एम. तराणेकर

जन्म वर्ष 1968 कवि, स्वतंत्र लेखक व टिप्पणीकार। शिक्षा स्नातक एवं गायन में 1986 में विद् किया होकर केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद् द्वारा हिन्दी आषुलिपि प्रतियोगिता में वर्ष 1992 प्रषस्ति-पत्र प्राप्त। विशेष रूचि-बॉलीवुड फिल्में एवं संगीत, पुस्तक समीक्षा एवं राजनीति। मैं मूलतः मध्य प्रदेश के स्वच्छता में हैट्रिक लगा चुके एवं चार बार नंबर वन बनें स्मार्ट सिटी इन्दौर का निवासी हूँ। 1990 के दशक में लेखन में मन रमने लगा और ‘पत्र संपादक के नाम‘ से अपनी प्रारंभिक शुरूआत की। लेखकीय सुकून कितना संतोष देता है, इसकी बात ही कुछ और है। युवा होने पर फिल्मी कलाकारों की तरफ झुकाव ने फिल्मों पर आलेख लिखने की प्रेरणा दी। इसमें मेरी रूचि भी थी। विशेषकर पुराने फिल्मी कलाकारों के जीवन से सम्बंधित आलेखों पर अधिक ध्यान आकर्षित रहा। बावजूद इसके लघु कथा व कविता (बतौर युवा कवि आकाशवाणी इन्दौर में कविता पाठ के भी कई अवसर प्राप्त हुए है।) के अलावा सामयिक, सामाजिक एवं राजनैतिक विषयों पर समय-समय पर अपनी लेखनी को आयाम देने के प्रयास आज भी अनवरत हैं। अब तक विभिन्न समाचार-पत्रों में मुख्य रूप से बॉलीवुड/सिनेमा की साप्ताहिक मेगजीनों में आलेखों एवं पुस्तक समीक्षाओं का प्रकाशन हो चुका है। इनमें ‘लोकमत समाचार-आकर्षण व शो टाईम, राजस्थान पत्रिका-बॉलीवुड, पंजाब केसरी व दैनिक ट्रिब्यून के मनोरंजन, राज एक्सप्रेस-राज सिनेमा, द सी एक्सप्रेस-सी सिनेमा, हरि-भूमि के रंगारंग व रविवार भारती, चौथा संसार के बॉलीवुड, बीपीएन टाईम्स के शो बीपीएन व तरंग, लोकदशा के पर्दा-बेपर्दा व विविधा, नव-भारत एवं स्वतंत्र भारत के अलावा कई स्थानीय समाचार-पत्रों में भी आलेखों का प्रकाशन हो चुका है। वहीं ‘स्वतंत्र वार्ता एवं डेली हिन्दी मिलाप‘ में कई वर्षो तक नियमित रूप से लिखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 31, संजय नगर, इन्दौर-452011 मध्य प्रदेश, (वार्ता+वाट्स एप) 98260.25986 ईमेलः s.taranekar@rediffmail.com, Facebook – https://www.facebook.com/Taranekar9

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