सुप्रभात
सूरज को मद्धिम होकर ढलते देखा है।हरिश्चन्द्र को चांडाल बनते देखा है।कंचन-सी नश्वर काया पर मत गुरूर कर-श्रीदेवी को भी
Read Moreराजनीति ने फिर हिंदी की, चुन्नी आज उछाली है।लाज छोड़़कर एक हो गया, ग्राहक एवं माली है।उठो कलम के प्रखर
Read Moreगोपाला बनकर सब बच्चे,देखत मटकी को ललचाय lआओ रे आओ सब साथी,मटकी इज्जत बन गइ हाय ll याद करो जसुमति
Read Moreसमाज पर अत्याचार करने वाला कभी – कभार अपने परिजनों से बहुत प्रेम करता है जो उसके चरित्र का सकारात्मक
Read Moreसुना है कि कर्मों का हिसाब- किताबरखते हैं चित्रगुप्तईश्वर परिणाम घोषित करते हैंऔर यमराज लागून जाने ये कितना सच है,
Read More1-सीने में दिल धड़क रहा होभाव-भूमि अब तक हो भींगीकभी कभी दिल की देहरी परपांव पटकने का मन होताथोड़ी सी
Read Moreहमें यह कहने में गर्व का अनुभव होता है कि हम भारत वर्ष के निवासी हैं जो उस समय विश्व
Read Moreसर्वप्रथम जीते-जी इलाहाबाद की लेखिका को इलाहाबाद सहित साहित्य अकादमी (हिंदी) महा सम्मान मिलने हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कोरोना
Read More