वेणु से सुदर्शन चक्र तक
गोपाला बनकर सब बच्चे,देखत मटकी को ललचाय lआओ रे आओ सब साथी,मटकी इज्जत बन गइ हाय ll याद करो जसुमति
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Read Moreसमाज पर अत्याचार करने वाला कभी – कभार अपने परिजनों से बहुत प्रेम करता है जो उसके चरित्र का सकारात्मक
Read Moreसुना है कि कर्मों का हिसाब- किताबरखते हैं चित्रगुप्तईश्वर परिणाम घोषित करते हैंऔर यमराज लागून जाने ये कितना सच है,
Read More1-सीने में दिल धड़क रहा होभाव-भूमि अब तक हो भींगीकभी कभी दिल की देहरी परपांव पटकने का मन होताथोड़ी सी
Read Moreहमें यह कहने में गर्व का अनुभव होता है कि हम भारत वर्ष के निवासी हैं जो उस समय विश्व
Read Moreसर्वप्रथम जीते-जी इलाहाबाद की लेखिका को इलाहाबाद सहित साहित्य अकादमी (हिंदी) महा सम्मान मिलने हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कोरोना
Read Moreमर्द बनो तुम थोड़ा – थोड़ा,बनूं तनिक मैं औरत।थोड़े – थोड़े परिवर्तन की,है जी बहुत जरूरत।। तुम दिल को थोड़ा
Read Moreकछुआ और खरगोशएक मंद, एक तेजप्रतियोगिता में स्वयं ही नहीं उतरे थेइन्हें उतारा गया थाकतिपय तत्कालीन छलियों द्वारा। खरगोश यूं
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