ग़ज़ल
ग़ज़ल का निचोड़ मेरे मतले में।इक समन्दर आ गया है क़तरे में।वक़्त लगने से ही यह फिर खुलती हैं,गुंझलें ही
Read Moreसुन्दर झीलों, बागों तथा बड़े होटलों का भव्य मर्मस्पशी शहर है किलोना। यहां सिक्ख पंजाबियों का बहुत बड़ा कृषि तथा
Read Moreअपने गांव में आते झूले।सबके मन को भाते झूले। भिन्न-भिन्न जातों-पातों में।प्रभातों एंव रातों में।लौकिक नगमे गाते झूले।अपने गांव में
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