गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 27/09/202627/09/2026 0 Comments ग़ज़ल कहां हो, कैसे हो जैसी कुछ रस्मी बातें होती हैंअब कहां पहले जैसी उनसे मुलाकातें होती हैं तुमने काटीं नहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 21/09/202621/09/2026 ग़ज़ल दिल का दर्द लफ्ज़ों में बताया क्यों नहीं जातानहीं है पास जो उसको भुलाया क्यों नहीं जाता रोकते-रोकते भी अश्क Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 14/09/202614/09/2026 ग़ज़ल कौन साथ वक्त के बदल नहीं गयासूरज भी शाम होते ही क्या ढल नहीं गया जाना जो उसे होता तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 02/09/202630/08/2026 ग़ज़ल निराश न हो, हिम्मत न हार, कदम बढ़ा धीरे धीरेमंज़िल कितनी भी दूर सही तू चलता जा धीरे धीरे मैंने Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 18/08/202618/08/2026 ग़ज़ल दुआ पे शाह की आमीन कहना पड़ता हैबेवकूफों को भी जहीन कहना पड़ता है इसलिए कभी दरबार नहीं जाता मैंहर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 27/07/202627/07/2026 ग़ज़ल लूंगा वही जो मिलेगा सीधी राह सेतौबा मैंने कर ली है अब तो गुनाह से करके अदा शुक्रिया ही घर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 27/06/202627/06/2026 ग़ज़ल मुफ़्त मिलती नहीं इज़्ज़त कमानी पड़ती हैजगह ज़माने में अपनी बनानी पड़ती है पूरे करने हों जो ख़्वाब तुमने देखे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 19/05/202619/05/2026 ग़ज़ल निराश न हो, हिम्मत न हार, कदम बढ़ा धीरे धीरेमंज़िल कितनी भी दूर सही तू चलता जा धीरे धीरे मैंने Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 19/04/202619/04/2026 ग़ज़ल फ़िरके मज़हब के खानों में बंटता चला गयामुकम्मल आदमी था मैं घटता चला गया पहले तो बढ़ा, और बढ़ा, और Read More
गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 27/03/202627/03/2026 ग़ज़ल अपनों से ही खाकर धोखा तड़पी है ये जान बहुतमैंने अपने भोलेपन में भुगते हैं नुकसान बहुत यूँ ही नहीं Read More