ग़ज़ल
इस दुनिया में मेरे यार वक्त जिसका बदलता हैउसकी गुफ्तगू का खुद ब खुद लहज़ा बदलता है जो कहता था
Read Moreहिंदू मुस्लिम लड़ रहे हैं बाकी सब कुछ ठीक हैबेगुनाह कुछ मर रहे हैं बाकी सब कुछ ठीक है जो
Read Moreशायद वो दुश्मनी की कसम खाए हुए हैंजो बेवजह ही बात को उलझाए हुए हैं सीना तू चीर दे मेरा
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