थोड़ा एहसास
कुछ है अनकही बातें जो तुम्हे है सुनानी
थोड़ी शिकायतें थोड़ी दिल की बाते है बतानी।
तेरी बेरुखी ,बेहिसी से दिल कुछ बेजार है
फिर भी तुम मेरे लिए खास हो यह बात है बतानी।
बेलोस और बेहिसाब प्यार तुम ही से है
तुम्हे ये बात तसल्ली से है समझानी ।
वक्त के गर्द ने दरम्यान डाले इतने फासले
ये एहसास है बस तुम्हे दिलानी।
थोड़ी कोशिश तुम करो ज्यादा मैं कर लेती हूं
हमें मिलकर इस जिंदगी को है हसीन बनानी।
— विभा कुमारी “नीरजा”
