सिसक रहे हम छुप छुप कर।
सिसक रहे हम छुप छुप कर मगर तुम्हें कहें कैसे। जो अभाव रहा उम्रभर वो सफ़र तुम्हें कहें कैसे। तुम
Read Moreसिसक रहे हम छुप छुप कर मगर तुम्हें कहें कैसे। जो अभाव रहा उम्रभर वो सफ़र तुम्हें कहें कैसे। तुम
Read Moreमां सुन सुन के ये समाचार मुझे डर लगता है, तुम हो मेरे पास फिर भी मुझे डर लगता है।
Read Moreतिरंगे को उठाया है तो तुम इसका सम्मान भी करना। दिल में कुछ होंठों पे कुछ हो ऐसा कोई काम
Read Moreकभी -कभी करता है मन। त्याग के सब उधेड़-बुन। करूं कुछ बातें तुमसे मैं; और कुछ तुम कहो साजन। मन
Read Moreआस बंधाती याद तेरी मन जब डगमगाने लगा तिमिर सा जब छाने लगा फिर किरण बन गई मेरी आस बंधाती
Read More