ग़ज़ल
दर्द तो दर्द था उसे मरहम लिखता कैसे। तुम्हारी बेवफाई की नज़्म लिखता कैसे। वो जो कहते नहीं हमें अपना
Read Moreपूजा ….पूजा…पूजा! सासु मां ने आवाज़ लगाई, पूजा भाग कर सासु मां के पास आकर घबरा कर बोली… ममी जी
Read Moreकिसी के घाव पर मरहम नहीं छिड़कती है ये दुनिया। बस मौका मिले तो जीभर घाव कुरेदती है ये दुनिया।
Read Moreपूछती धरा कभी गगन से …. होगा अपना भी मिलन फिर तुम उदास क्यों हो? देख कर तुम्हारी व्यथा मन
Read Moreन धर्म न जाति देखें आओ ऐसा हिन्दोस्तान बनाते हैं। कुछ हम बदलें कुछ तुम बदलो चलो सुंदर जहान बनाते
Read Moreसावन के इंतज़ार में वो अब खामोश होकर देख रही है गगन को जैसे अपना सब कुछ खो चुकी हो
Read Moreअपने वजूद का जब भी सवाल होता है। वतन का फिर कहां उनको ख्याल होता है। खूब लूटा जिन्होने वतन
Read Moreमुस्कुराते हैं होंठ और सदा मुस्कुराते रहेंगे। तुम लाख कोशिश कर लो हम न बदलेंगे। कितनी ही बाधाएं आईं राहों
Read Moreचोट जब स्वाभिमान पर लगती है तो, करारा जवाब फिर मिलता है। तुम लाख दगा करो हैं संस्कार तुम्हारे, पर
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