वो भी क्या दिन थे
वो भी क्या दिन थे, हाँ भले ख्वाब अनगिनत थे !न मुश्किलों का डर,न बात बेबात का इतना असर! दिलों
Read Moreवो भी क्या दिन थे, हाँ भले ख्वाब अनगिनत थे !न मुश्किलों का डर,न बात बेबात का इतना असर! दिलों
Read Moreज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी,ऐसे तुम्हें जाने न दूंगी।आज कम है तो क्या ग़म,हर पथ पे संग चलूंगी। दुल्हन सी मैं सजी
Read Moreये कुनकुनी धूप और प्यारा तुम्हारा साथयूँ उम्र की ढलती दहलीज़ पे चाँद हो पास। जब तक है श्वास है
Read Moreऐ हर वर्ष आने वाले नव वर्ष स्वागत है तेराप्यार से भरा गुलदस्ता स्वीकार करो मेरा हो उमंगों से भरा
Read Moreइंसान नज़र आता बंजर हूँ मैंठोकरों से देखो बना पत्थर हूँ मैं टूटे एहसास,टूटे ख्वाब-ख्वाहिशेंमेरी खुशियों के महल , इमारतेंतिरस्कार
Read Moreनहीं थकते नहीं रुकते,संघर्ष ही जीवन है कहते।हर उम्र में इक अलग रूप,न छांव न देखें कभी धूप।चलते समय संग
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