जाने न दूंगी
ज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी,ऐसे तुम्हें जाने न दूंगी।आज कम है तो क्या ग़म,हर पथ पे संग चलूंगी। दुल्हन सी मैं सजी
Read Moreज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी,ऐसे तुम्हें जाने न दूंगी।आज कम है तो क्या ग़म,हर पथ पे संग चलूंगी। दुल्हन सी मैं सजी
Read Moreये कुनकुनी धूप और प्यारा तुम्हारा साथयूँ उम्र की ढलती दहलीज़ पे चाँद हो पास। जब तक है श्वास है
Read Moreऐ हर वर्ष आने वाले नव वर्ष स्वागत है तेराप्यार से भरा गुलदस्ता स्वीकार करो मेरा हो उमंगों से भरा
Read Moreइंसान नज़र आता बंजर हूँ मैंठोकरों से देखो बना पत्थर हूँ मैं टूटे एहसास,टूटे ख्वाब-ख्वाहिशेंमेरी खुशियों के महल , इमारतेंतिरस्कार
Read Moreनहीं थकते नहीं रुकते,संघर्ष ही जीवन है कहते।हर उम्र में इक अलग रूप,न छांव न देखें कभी धूप।चलते समय संग
Read Moreक्यों करते हो इंतज़ार दहलीज़ पर साथीछोड़ दो पुरानी बातें अब ये काम नहीं आतीजानते हो आजकल चिट्ठियां नहीं आती।
Read Moreकहीं अपनी ही परछाई में,हाँ ! ढूँढ लेना मुझे तन्हाई में वक्त मिले जब सपनों से,मिलना चाहो अपनों से,भले दूर
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