बारिश और चाय
बारिश, चाय और ढेर सारी वो बेमतलब बातें,कभी -कभी बहुत याद आती हैं वो मुलाकातें। तुम अगर कहते तो हम
Read Moreबारिश, चाय और ढेर सारी वो बेमतलब बातें,कभी -कभी बहुत याद आती हैं वो मुलाकातें। तुम अगर कहते तो हम
Read Moreबारिश कह रही थी मानो आज ही बरसना है, सिर्फ एक किलोमीटर दूर मंज़िल.. पर मंज़िल तक जाना ही सबसे
Read Moreज़रा अपने भीतर झाँक के देखो,कितने ग़म हैं उन्हें बाँट के देखो। न रहो ख़ामोश न अंदर ही यूँ घुटो,शोर
Read Moreवो भी क्या दिन थे, हाँ भले ख्वाब अनगिनत थे !न मुश्किलों का डर,न बात बेबात का इतना असर! दिलों
Read Moreज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी,ऐसे तुम्हें जाने न दूंगी।आज कम है तो क्या ग़म,हर पथ पे संग चलूंगी। दुल्हन सी मैं सजी
Read Moreये कुनकुनी धूप और प्यारा तुम्हारा साथयूँ उम्र की ढलती दहलीज़ पे चाँद हो पास। जब तक है श्वास है
Read Moreऐ हर वर्ष आने वाले नव वर्ष स्वागत है तेराप्यार से भरा गुलदस्ता स्वीकार करो मेरा हो उमंगों से भरा
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